साफ़ और खुश शहर
राजा राम चाहते थे कि अयोध्या सबके लिए साफ़ और सुंदर रहे।
उन्होंने लोगों को सिखाया कि वे अपनी गलियाँ साफ़ रखें, अपने घर सुथरे रखें और अपनी नदियाँ साफ़ रखें।
"अपने शहर का ख़याल रखना सबका काम है," राम ने कहा। "साफ़ घर ही खुश घर होता है।"
बच्चों ने भी मदद की — वे कचरा उठाते और रास्तों के किनारे फूल लगाते।
क्योंकि सबने अपनी ज़िम्मेदारी निभाई, अयोध्या सबसे साफ़ और सबसे खुश शहर बन गया।
अपने घर और शहर का ख़याल रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।
ज़िम्मेदारीक्या आप जानते हैं?
पुरानी कहानियों में अयोध्या को चमकता, साफ़ और सुंदर शहर बताया गया है।
घर पर यह करके देखें
अपने घर या क्लासरूम को साफ़ और सुथरा रखने में मदद करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम अयोध्या को कैसा बनाना चाहते थे?
जवाब: साफ़ और सुंदर
शहर साफ़ रखना किसका काम है?
जवाब: सबका
बच्चों ने कैसे मदद की?
जवाब: कचरा उठाया, फूल लगाए
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